BREAKING

क्या आपकी जीभ का रंग भी अचानक पीला हो रहा है? जानिए असली कारण

सुबह सोकर उठने के बाद जब हम शीशे के सामने खड़े होकर ब्रश करते हैं, तो अक्सर अपने दांतों की सफाई पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन जीभ की सेहत को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। जीभ का सामान्य रंग हल्का गुलाबी होता है, जो एक स्वस्थ शरीर की निशानी माना जाता है। हालांकि, कई बार हम देखते हैं कि हमारी जीभ पर पीले रंग की एक मोटी परत जमने लगती है या उसका रंग पीला दिखाई देने लगता है। ज्यादातर लोग इसे केवल एक साधारण मुंह की गंदगी या चाय-कॉफी का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो यह लापरवाही आपके लिए भारी पड़ सकती है। जीभ का पीला पड़ना न केवल ओरल हाइजीन (Oral Hygiene) में कमी का नतीजा है, बल्कि यह शरीर के भीतर पनप रही डायबिटीज (Diabetes) और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों का एक प्रमुख पूर्व संकेत भी हो सकता है।

मुंह की खराब सफाई और जीभ पर बैक्टीरिया का जमाव है पहली वजह

जीभ का रंग पीला होने का सबसे प्राथमिक और आम कारण ओरल हाइजीन की अनदेखी करना है। हमारी जीभ की सतह पर छोटे-छोटे उभार होते हैं जिन्हें पैपिला (Papillae) कहा जाता है। जब हम नियमित रूप से टंग क्लीनर या ब्रश से अपनी जीभ की सफाई नहीं करते, तो भोजन के सूक्ष्म कण, मृत कोशिकाएं (Dead Cells) और लार इस सतह में फंसने लगते हैं। धीरे-धीरे यहां हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं, जो एक पीली परत के रूप में जम जाते हैं। इसके अलावा, जो लोग बहुत अधिक धूम्रपान करते हैं, तंबाकू का सेवन करते हैं या दिन में कई बार चाय और कॉफी पीते हैं, उनकी जीभ पर पिगमेंटेशन के कारण पीलापन आने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होने पर भी मुंह सूखने लगता है और जीभ का रंग बदलने लगता है।

डायबिटीज और ब्लड शुगर का जीभ के पीलेपन से क्या है सीधा कनेक्शन?

बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि जीभ का बदलता रंग आपके शरीर में इंसुलिन के स्तर और ब्लड शुगर (Blood Sugar Level) की स्थिति का सटीक आंकलन दे सकता है। जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज की बीमारी होती है या वह प्री-डायबिटिक स्थिति में होता है, तो उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर होने लगती है। इसके साथ ही, हाई ब्लड शुगर के कारण मुंह के भीतर लार का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे 'ड्राय माउथ' (Dry Mouth) यानी मुंह में सूखापन रहने लगता है। लार की कमी के कारण मुंह के स्वाभाविक बैक्टीरिया खत्म नहीं हो पाते और वहां ओरल थ्रश (Oral Thrush) या यीस्ट इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज के मरीजों में ओरल फंगल इन्फेक्शन होना बेहद आम बात है, जिसके शुरुआती लक्षण के रूप में जीभ पर पीली या सफेद रंग की जिद्दी परत दिखने लगती है।

पाचन तंत्र की गड़बड़ी और लिवर से जुड़ी समस्याओं का भी है यह लक्षण

आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों ही इस बात से सहमत हैं कि हमारी जीभ हमारे पेट और पाचन तंत्र का दर्पण होती है। यदि आपका पाचन तंत्र सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, कब्ज (Constipation), एसिडिटी या अपच की समस्या रहती है, तो इसका असर सबसे पहले आपकी जीभ पर ही दिखाई देता है। इसके अलावा, लिवर या गॉलब्लाडर (पित्ताशय) में किसी प्रकार की खराबी या बिलीरुबिन (Bilirubin) का स्तर बढ़ने पर भी शरीर में पीलिया (Jaundice) के लक्षण उभरते हैं, जिसकी वजह से आंखों और त्वचा के साथ-साथ जीभ का रंग भी पीला पड़ने लगता है। इसलिए यदि जीभ के पीलेपन के साथ-साथ आपको थकान, मतली या पेट में दर्द का अनुभव हो रहा है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें।

जीभ के पीलेपन से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये जरूरी और आसान उपाय

यदि आपकी जीभ पर भी पीली परत जम रही है, तो सबसे पहले अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली और ओरल केयर रूटीन में बदलाव करें। रोजाना दिन में दो बार ब्रश करने के साथ-साथ तांबे या स्टील के टंग क्लीनर से जीभ की हल्की सफाई जरूर करें। खूब सारा पानी पीकर शरीर को हाइड्रेटेड रखें ताकि मुंह में लार का निर्माण सही तरीके से हो सके। अगर जीभ का पीलापन नियमित सफाई के बावजूद दूर नहीं हो रहा है, तो तुरंत अपने ब्लड शुगर की जांच (HbA1c Test) करवाएं ताकि डायबिटीज का समय रहते पता लगाया जा सके। इसके साथ ही एक अच्छे डेंटिस्ट या फिजिशियन से परामर्श लें ताकि वे इसके सटीक कारण की पहचान कर आपको सही इलाज और माउथवॉश का सुझाव दे सकें।

Back to top button