विदेश

नाबालिग ने सर्बिया में इजरायली दूतावास पर किया आतंकी हमला

सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में इजरायली दूतावास के बाहर उस समय भारी अफ़रा-तफ़री और दहशत का माहौल बन गया, जब एक नाबालिग हमलावर ने परिसर की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर हाथ में घातक क्रॉसबो (तीर-कमान जैसा हथियार) लेकर पहुंचा था और उसने अचानक सुरक्षा चौकी पर तैनात विशेष पुलिस बल के जवान पर निशाना साधते हुए तीर चला दिया। हमलावर ने वार करते समय 'अल्लाहु अकबर' के धार्मिक नारे लगाए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। तीखा तीर सीधे पुलिसकर्मी की गर्दन में जा धंसा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, अदम्य साहस और त्वरित जवाबी कार्रवाई का परिचय देते हुए घायल सुरक्षाकर्मी ने तत्काल अपनी सर्विस पिस्टल से गोलियां चलाईं, जिससे हमलावर मौके पर ही ढेर हो गया।

इस दुस्साहसिक वारदात के तुरंत बाद पूरे बेलग्रेड शहर को अलर्ट पर रख दिया गया और घटना स्थल की ओर आपातकालीन सेवाओं व आतंकवाद विरोधी दस्ते (SAJ) को रवाना किया गया। आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को सील कर दिया है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम सबूत इकट्ठा करने में जुट गई है। घायल पुलिस जवान को तुरंत नजदीकी आपातकालीन मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई है और फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यूरोपीय देशों में चरमपंथ और घरेलू स्तर पर radicalized हो रहे युवाओं के बढ़ते खतरे को रेखांकित कर दिया है।

सर्बियाई गृह मंत्रालय ने घोषित किया रेड आतंकी अलर्ट और शुरू की जांच

घटना के कुछ ही घंटों बाद सर्बिया के आंतरिक मामलों के मंत्री इविका दासिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्थिति की गंभीरता की पुष्टि की। गृह मंत्री ने आधिकारिक तौर पर इसे देश के खिलाफ एक लक्षित आतंकवादी हमला करार दिया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में हमलावर की पहचान एक 17-18 वर्ष के नाबालिग के रूप में हुई है, जो सर्बिया के म्लादेनोवाक शहर का निवासी था और हाल के दिनों में वहाबी विचारधारा के संपर्क में आकर उग्रवादी बन चुका था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमलावर किसी बड़े संगठित नेटवर्क या अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी मॉड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जिसने उसे सर्बिया में विदेशी दूतावासों को निशाना बनाने के लिए उकसाया।

गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद देश भर में 'रेड टेरर अलर्ट' जारी कर दिया है। इसके तहत बेलग्रेड स्थित सभी विदेशी दूतावासों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। सर्बियाई खुफिया एजेंसियों (BIA) ने संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। दासिक ने कहा कि सर्बिया की धरती पर किसी भी रूप में उग्रवाद और आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हमले की साजिश में शामिल हर एक दोषी को बेनकाब कर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

इजरायल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तीखी प्रतिक्रिया और सुरक्षा समीक्षा

बेलग्रेड में इजरायली दूतावास पर हुए इस हमले के बाद तेल अवीव में इजरायली विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर सर्बियाई पुलिसकर्मी के साहस की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इजरायल ने कहा कि सर्बियाई जवान की सतर्कता और त्वरित जवाबी कार्रवाई के कारण दूतावास परिसर के भीतर तैनात राजनयिकों और कर्मचारियों की जान बच सकी। इजरायली विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दुनिया भर में मौजूद उसके सभी मिशनों और दूतावासों की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि गाजा संघर्ष के बाद उत्पन्न वैश्विक उग्रवादी खतरों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय महाद्वीप के भीतर युवाओं का तेजी से कट्टरपंथीकरण (Radicalization) एक गंभीर भू-राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है। विशेष रूप से बाल्कन क्षेत्र में विभिन्न उग्रवादी समूहों का बढ़ता प्रभाव सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। इस हमले के बाद अब सर्बिया सरकार और अंतरराष्ट्रीय खुफिया समुदाय मिलकर इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को किस तरह हिंसा की ओर धकेला जा रहा है।

चरमपंथ के खिलाफ कड़े कदम और बाल्कन क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति

सर्बिया में हुई इस घटना ने बाल्कन प्रायद्वीप में सुरक्षा चिंताओं को एक बार फिर से केंद्र में ला दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति की सनक का नतीजा नहीं है, बल्कि यह एक गहरी उग्रवादी सोच का प्रतीक है जो युवाओं को मोहरा बना रही है। बेलग्रेड प्रशासन ने घोषणा की है कि आगामी दिनों में डिजिटल मीडिया और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर कट्टरपंथी सामग्री फैलाने वाले खातों की सख्त निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों और त्वरित प्रतिक्रिया उपकरणों से लैस करने की योजना बनाई गई है।

राजधानी बेलग्रेड में आम नागरिकों और स्थानीय निवासियों के बीच घटना को लेकर गुस्सा और चिंता दोनों देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने घायल पुलिस अधिकारी के प्रति अपनी संवेदना और समर्थन व्यक्त करते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया है। सर्बियाई अधिकारियों ने नागरिकों से शांत रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को देने की अपील की है। सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति के साथ जारी रहेगी।

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