35 साल पहले जब गूंजी थी एस.पी. बालासुब्रमण्यम की आवाज, सलमान खान का वो कल्ट रोमांटिक सॉन्ग आज भी है दिलों पर राज

भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) और बॉलीवुड के सुनहरे दौर यानी 90 के दशक की यादें आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में ताजा हैं। उस दौर में फिल्मों की कहानियां जितनी दिल को छू लेने वाली होती थीं, उससे कहीं अधिक जादुई उनके गाने हुआ करते थे। बॉलीवुड के 'भाईजान' कहे जाने वाले सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) और अपनी जादुई आवाज से हर दिल पर राज करने वाले दिग्गज दिवंगत गायक एस. पी. बालासुब्रमण्यम (S. P. Balasubrahmanyam) की जोड़ी ने भारतीय संगीत जगत को कई ऐसी अमिट सौगातें दी हैं, जो आज भी लोगों की जुबान पर रहती हैं। आज से ठीक 35 साल पहले इन दोनों दिग्गजों के मेल से एक ऐसा कल्ट रोमांटिक सॉन्ग सामने आया था, जो आज भी 90s के दशक के सबसे पसंदीदा गानों में शुमार किया जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं सलमान खान और एस. पी. बालासुब्रमण्यम के उस आइकॉनिक गाने और उससे जुड़ी सुनहरी यादों के बारे में।
जब एस. पी. बालासुब्रमण्यम बने थे सलमान खान की आवाज: सिनेमा का स्वर्णिम दौर
नब्बे के दशक की शुरुआत में जब बॉलीवुड में रोमांटिक फिल्मों का दौर अपने चरम पर था, तब सलमान खान स्क्रीन पर अपनी मासूमियत और चार्म से दर्शकों का दिल जीत रहे थे। वहीं दूसरी तरफ, दक्षिण भारत से लेकर बॉलीवुड तक अपनी सुरीली और भारी-भरकम आवाज का जादू बिखेरने वाले एस. पी. बालासुब्रमण्यम सलमान खान के लिए एक तरह से 'आसानी से पहचानी जाने वाली आवाज' बन चुके थे।
जब भी परदे पर बालासुब्रमण्यम साहब की आवाज में सलमान खान कोई गाना गाते थे, तो ऐसा लगता था कि वह गीत सीधे श्रोताओं के दिलों में उतर रहा है। साल 1991 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'साजन' (Saajan) इसी का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस फिल्म के गानों ने उस समय लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और आज भी इस फिल्म का संगीत संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में शीर्ष पर रहता है।
'तुमसे मिलने की तमन्ना है…': आज भी दिलों की धड़कन बना हुआ है यह कल्ट सॉन्ग
फिल्म 'साजन' का वह ऐतिहासिक गाना "तुमसे मिलने की तमन्ना है, प्यार का इरादा है…" भला कौन भूल सकता है। इस खूबसूरत गीत को एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने अपनी बेहद मधुर और रूहानी आवाज से सजाया था, जो परदे पर सलमान खान पर पूरी तरह से फिट बैठता था।
यह गाना फिल्म के उस अहम मोड़ पर आता है जब सलमान खान का किरदार 'आकाश' अपनी प्रेमिका 'पूजा' (जिसे माधुरी दीक्षित ने निभाया था) से मिलने के लिए बेताब रहता है। खुली जीप में पहाड़ों की खूबसूरत और हसीन वादियों के बीच फिल्माए गए इस गाने में आकाश के साथ उनके वफादार दोस्त 'लक्ष्मी' (लक्ष्मीकांत बेर्डे) की मौजूदगी इस गीत को और भी ज्यादा जीवंत बना देती है। इस गाने में एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने सलमान खान की मोहब्बत के 'सूत्रधार' की भूमिका निभाई थी, और उनकी आवाज की खनक ने इस गाने को अमर बना दिया।
90 के दशक की गलियों और मोहल्लों में गूंजता था यह संगीत
उस दौर की यादें ताजा करते हुए आज भी लोग बताते हैं कि 90 के दशक में जब फिल्म 'साजन' के गाने कैसेट प्लेयर्स, रेडियो और नुक्कड़ की दुकानों पर बजते थे, तो पूरा माहौल संगीतमय हो जाता था। शाम के वक्त मोहल्लों की गलियों में इसी गाने की गूंज सुनाई देती थी।
युवाओं के बीच इस गाने का क्रेज इस कदर सिर चढ़कर बोलता था कि हर कोई प्यार के इजहार के लिए इसी धुन का सहारा लेता था। इस गीत की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसमें शास्त्रीय संगीत की मिठास के साथ-साथ आधुनिक पॉप का हल्का अहसास भी था, जिसे एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने अपनी गायकी से एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया था। आज भले ही सिनेमा का दौर बदल गया हो और रीमेक तथा पार्टी सॉन्ग्स का बोलबाला हो, लेकिन 'साजन' के इस कल्ट क्लासिक रोमांटिक गीत की सादगी और गहराई का मुकाबला आज का कोई भी गाना नहीं कर सकता।
सलमान और बालासुब्रमण्यम की जुगलबंदी हमेशा के लिए हुई अमर
एस. पी. बालासुब्रमण्यम ने अपने लंबे और शानदार गायन करियर में हजारों गाने गाए, लेकिन सलमान खान के साथ उनका यह तालमेल इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। आज भले ही वे हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी वह जादुई आवाज आज भी 'तुमसे मिलने की तमन्ना है' जैसे गानों के जरिए हर घर में गूंजती है।
यह गाना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि सच्चा संगीत समय, उम्र और पीढ़ियों की सीमाओं से परे होता है। रिलीज के इतने लंबे समय बाद भी आज जब यह गाना किसी रेडियो या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बजता है, तो सुनने वाले अनजाने ही 90 के उस हसीन और सुकून भरे दौर में लौट जाते हैं, जहां प्यार का इजहार इन खूबसूरत धुनों के जरिए किया जाता था।