‘न्यू मेक्सिको’ का नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ रखना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप, अजीबोगरीब सुझाव पर सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अपनी अनूठी बयानबाजी के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस बार ट्रंप ने किसी देश की विदेश नीति या आर्थिक समझौते पर नहीं, बल्कि अमेरिका के ही एक राज्य 'न्यू मेक्सिको' (New Mexico) का नाम बदलकर 'न्यू अमेरिका' (New America) करने का एक बेहद अजीबोगरीब और चौंकाने वाला सुझाव दे डाला है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद से अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है, और सोशल मीडिया पर मीम्स व प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। जहां एक तरफ ट्रंप इसे राज्य की प्रतिष्ठा और गौरव से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं और स्थानीय सीनेटरों ने इसे कोरा बड़बोलापन करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ट्रंप के इस नए शिगुफे के पीछे क्या तर्क है और सोशल मीडिया पर इस पर किस तरह की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने दिया नाम बदलने का सुझाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि न्यू मेक्सिको राज्य को बिना किसी देरी के अपना नाम बदलकर 'न्यू अमेरिका' कर लेना चाहिए। उन्होंने अपनी दलील देते हुए लिखा, "हम मैक्सिको नहीं हैं, हम 'यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका' (संयुक्त राज्य अमेरिका) हैं।"
ट्रंप का यह मानना है कि यदि इस राज्य का नाम बदलकर न्यू अमेरिका कर दिया जाता है, तो इससे अंतरराष्ट्रीय पटल पर राज्य की अहमियत, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब यहां के निवासी अमेरिकी झंडे को सलामी देंगे, तो उनके भीतर देश के प्रति गर्व की भावना और अधिक बढ़ जाएगी। इसके अलावा, ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में यह भी जोड़ दिया कि इस नाम परिवर्तन से यह भी सुनिश्चित हो जाएगा कि न्यू मेक्सिको जिन कथित रूप से 'बेईमान और भ्रष्ट चुनावों' (Crooked Elections) के लिए जाना जाता है, वे व्यवस्थाएं फिर से पूरी तरह ईमानदार और पारदर्शी हो जाएंगी।
नाम बदलने के पुराने मामलों की फेरिस्किट और सोशल मीडिया पर उड़ता मजाक
यह कोई पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भौगोलिक स्थान का नाम बदलने की ऐसी कोई अजीब मांग रखी हो। इससे पहले भी वह 'गल्फ ऑफ मैक्सिको' (मैक्सिको की खाड़ी) का नाम बदलकर अपनी पसंद से 'गल्फ ऑफ अमेरिका' (अमेरिका की खाड़ी) करने की बात कह चुके हैं। इसके अलावा, उनकी यह भी इच्छा रही है कि 'लेक ओंटारियो' को बदलकर 'लेक अमेरिका' कहा जाए। और अब इस कड़ी में उन्होंने न्यू मेक्सिको का नाम बदलकर न्यू अमेरिका करने की बात कह दी है।
ट्रंप के इस सनकी और अड़ियल रवैये को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर उनका मजाक उड़ाया है। इंटरनेट पर एक मजेदार थ्योरी और चुटकुले वायरल हो रहे हैं, जिसमें यूजर्स का कहना है कि ट्रंप की ऐसी मांगों को देखते हुए लगता है कि वह जल्द ही पूरे अमेरिका का ही नाम बदलकर 'न्यू इंडिया' (New India) रख देंगे! इसके पीछे यूजर्स यह तर्क दे रहे हैं कि इतिहास गर्त में जब क्रिस्टोफर कोलंबस अमेरिका की खोज के लिए निकले थे, तो वे असल में भारत की खोज के सफर पर ही रवाना हुए थे। सोशल मीडिया पर इन जोक्स और मीम्स ने इस गंभीर राजनीतिक मुद्दे को एक हास्यप्रद बहस में बदल दिया है।
डेमोक्रेट सीनेटरों और नेताओं का कड़ा पलटवार: "हम हमेशा न्यू मेक्सिको ही रहेंगे"
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बेतुके बयान का राज्य के राजनीतिक प्रतिनिधियों और विपक्षी नेताओं ने बहुत ही कड़ा विरोध किया है। न्यू मेक्सिको के डेमोक्रेट सीनेटर बेन रे लुजान (Ben Ray Lujan) ने ट्रंप को उनके इतिहास की याद दिलाते हुए करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस राज्य का नाम सदियों पुराना और ऐतिहासिक है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आने से भी बहुत पहले से चला आ रहा है।
सीनेटर लुजान ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा, "हम गौरवान्वित न्यू मेक्सिकन हैं। हमें अपने राज्य के नाम पर पूरा गर्व है, अपने घर पर गर्व है, और हम इन दोनों को ही गर्व के साथ बनाए रखेंगे। डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद से हटने और इतिहास बन जाने के बाद भी, यह राज्य हमेशा न्यू मेक्सिको ही बना रहेगा।"
राजनीतिक जानकारों का भी यह मानना है कि ट्रंप की यह धमकी या सुझाव केवल एक 'ट्रोलिंग' या राजनीतिक पब्लिसिटी स्टंट से बढ़कर कुछ नहीं है। संवैधानिक रूप से किसी भी राज्य का नाम बदलने का अधिकार पूरी तरह से उस राज्य के अपने संविधान और वहां की जनता के पास होता है, और केवल राष्ट्रपति के एक सोशल मीडिया पोस्ट से ऐसा कोई कानूनी बदलाव नहीं किया जा सकता है।
बर्नी सैंडर्स ने महंगाई और युद्ध के मुद्दों पर ट्रंप को घेरा
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर बर्नी सैंडर्स (Bernie Sanders) ने ट्रंप को आड़े हाथों लेते हुए बेहद कड़े शब्दों में जवाब दिया। सैंडर्स ने सोशल मीडिया पर लिखा, "नहीं, मिस्टर ट्रंप। अमेरिका की आम जनता यह बिल्कुल नहीं चाहती कि आप न्यू मैक्सिको का नाम बदलें। जनता यह चाहती है कि आप तुरंत अपना वह अवैध और अनावश्यक ईरान युद्ध खत्म करें, जिसकी वजह से आज आम अमेरिकियों को पेट्रोल के लिए 4.30 डॉलर प्रति गैलन और डीजल के लिए 6.30 डॉलर प्रति गैलन जैसी आसमान छूती कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। देश की जनता परेशान है, और अब बस बहुत हो चुका।" इस तरह एक तरफ जहां ट्रंप नाम बदलने के विवादित मुद्दों में उलझे हुए हैं, वहीं विपक्षी नेता उन पर देश की असल घरेलू समस्याओं से ध्यान भटकाने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं।