न्यूजीलैंड को बड़ा झटका: भारत के खिलाफ चौथे और पांचवें T20 से बाहर हुए स्टार गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन, मैट फिशर को टीम में मिली जगह

भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों न्यूजीलैंड के दौरे पर है, जहाँ दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। शुरुआती तीन मैचों में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त बनाकर पहले ही कब्जा जमा लिया है। सीरीज गंवा चुकी कीवी टीम के लिए अब बाकी बचे मुकाबलों में अपनी साख बचाने की चुनौती है, लेकिन इस महत्वपूर्ण मोड़ से ठीक पहले मेजबान न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के लिए एक बहुत बुरी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ माने जाने वाले स्टार गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन (Lockie Ferguson) चोटिल होने के कारण भारत के खिलाफ खेली जा रही इस टी20 सीरीज के बचे हुए दोनों मैचों से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। इस बड़े झटके के बाद कीवी टीम की मुश्किलें और अधिक बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि लॉकी फर्ग्यूसन को यह चोट कैसे लगी और उनकी जगह टीम में किस नए खिलाड़ी को शामिल किया गया है।
पिंडली की चोट के चलते सीरीज से बाहर हुए लॉकी फर्ग्यूसन, तीसरे मैच में भी नहीं थे का हिस्सा
कीवी टीम के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन अपनी घाती रफ्तार और शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन हाल ही में मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वे पिंडली की गंभीर समस्या यानी 'कैफ स्ट्रेन' (Calf Strain) के शिकार हो गए हैं। यही वजह है कि वे भारत के खिलाफ पिछले यानी तीसरे टी20 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन का भी हिस्सा नहीं बन पाए थे।
न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NZC) ने अपने आधिकारिक बयान में यह पुष्टि की है कि फर्ग्यूसन की दाईं पिंडली में चोट के लक्षण पाए गए हैं, जिसके चलते उन्हें चौथे और पांचवें टी20 मैच से बाहर बैठना पड़ेगा। मेडिकल टीम का अनुमान है कि उन्हें पूरी तरह से फिट होने और मैदान पर वापसी करने में कम से कम एक हफ्ते का समय लग सकता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि सीरीज के तुरंत बाद होने वाली वनडे सीरीज (ODI Series) तक उनके पूरी तरह से स्वस्थ होकर मैदान पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्कैन में हुआ 'लो-ग्रेड टियर' का खुलासा, मैट हेनरी भी चोट की वजह से परेशान
न्यूजीलैंड टीम के लिए चोटिल खिलाड़ियों की सूची में केवल लॉकी फर्ग्यूसन का ही नाम शामिल नहीं है, बल्कि टीम के एक अन्य अनुभवी गेंदबाज भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, हैगली ओवल में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले के दौरान लॉकी फर्ग्यूसन को अपनी दाईं पिंडली में अचानक तेज दर्द महसूस हुआ था।
मैच के बाद जब उनका मेडिकल स्कैन कराया गया, तो रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि उनकी मांसपेशियों में 'लो-ग्रेड टियर' (Low-Grade Tear) यानी मामूली खिंचाव आ गया है। इसके अलावा, न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी को भी दूसरे मैच के दौरान अपनी दाईं जांघ में दर्द की शिकायत हुई थी। स्कैन के बाद मैट हेनरी की चोट में भी 'लो-ग्रेड टियर' होने की बात सामने आई है, जिन्हें ठीक होने में 1 से 2 हफ्ते का समय लग सकता है। एक साथ दो तेज गेंदबाजों के चोटिल होने से कीवी टीम मैनेजमेंट की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
तेज गेंदबाज मैट फिशर को टीम में मिला मौका, बॉलिंग कवर के तौर पर आए आगे
लॉकी फर्ग्यूसन के बाहर होने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट चयनकर्ताओं ने तुरंत उनकी जगह टीम में बदलाव करते हुए तेज गेंदबाज मैट फिशर (Matt Fisher) को मुख्य स्क्वॉड में शामिल कर लिया है। खास बात यह है कि मैट फिशर पहले से ही वेलिंगटन में टी20 स्क्वॉड के साथ एक 'बॉलिंग कवर' (Bowling Cover) के रूप में जुड़े हुए थे और वे इंडिया-ए के खिलाफ मुकाबले खेल रहे थे।
अब लॉकी फर्ग्यूसन के आधिकारिक रूप से बाहर होने के बाद फिशर को मुख्य टीम में जगह दे दी गई है। वहीं दूसरी ओर, न्यूजीलैंड-ए टीम में मैट फिशर की खाली हुई जगह को भरने के लिए तेज गेंदबाज ब्रेट रैंडेल को शामिल किया गया है, ताकि टीम का गेंदबाजी संतुलन बना रहे।
सीरीज बचाने के लिए भारत के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करेगी कीवी टीम
भारतीय टीम ने शुरुआती तीनों मुकाबलों में बेहतरीन बल्लेबाजी और गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए श्रृंखला में 3-0 की अजय बढ़त बना ली है। कप्तान और खिलाड़ियों के शानदार फॉर्म को देखते हुए मेहमान टीम मनोवैज्ञानिक रूप से काफी मजबूत स्थिति में है।
दूसरी तरफ, सीरीज में पिछड़ चुकी न्यूजीलैंड टीम के लिए अपने मुख्य गेंदबाजों के बिना मैदान पर उतरना किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। सीरीज के अंतिम दो मुकाबलों में कीवी टीम अपनी बची हुई प्रतिष्ठा को बचाने और भारतीय बल्लेबाजों को रोकने के लिए अपनी बेंच स्ट्रेंथ पर भरोसा करेगी। देखना यह होगा कि मैट फिशर और अन्य युवा गेंदबाज इस मौके का कितना फायदा उठा पाते हैं।