धर्म

आज का पंचांग 21 अक्टूबर: धनिष्ठा नक्षत्र और अमृत काल का शुभ संयोग, आज के सभी जरूरी मुहूर्त और राहुकाल का समय

भारतीय सनातन परंपरा में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने, मांगलिक अनुष्ठान संपन्न करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले ज्योतिषीय गणना और पंचांग (Panchang) देखने की प्राचीन और बेहद अहम परंपरा रही है। आज 21 अक्टूबर 2026 और दिन बुधवार है। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से आज का दिन कई मायनों में बेहद खास रहने वाला है। आज पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, अद्भुत धनिष्ठा नक्षत्र और पावन अमृत काल का शुभ संयोग बन रहा है। यदि आप भी आज के दिन कोई नया बिजनेस शुरू करने, कोई बड़ा सौदा करने या किसी शुभ यात्रा पर निकलने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए आज के शुभ-अशुभ मुहूर्तों की पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषीय आकलन के आधार पर जानते हैं आज 21 अक्टूबर के पंचांग का पूरा विवरण, सूर्य-चंद्रमा की स्थिति और राहुकाल का समय।

आज की तिथि, योग और करण का पूरा विवरण

हिंदू पंचांग के मुताबिक, आज 21 अक्टूबर को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 02 बजकर 11 मिनट तक बहुत प्रभावी रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज के योग की बात करें तो दिनभर 'गण्ड योग' बना रहेगा, जो अगले दिन यानी 22 अक्टूबर को तड़के 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, और इसके पश्चात 'वृद्धि योग' शुरू होगा।

करण पक्ष की बात करें तो दोपहर 02 बजकर 11 मिनट तक 'गरज करण' रहेगा, जिसके बाद 'वणिज करण' अगले दिन तड़के 02 बजकर 35 मिनट तक प्रभावी रहेगा और अंत में विष्टि यानी भद्रा का साया शुरू होगा। इन सभी ज्योतिषीय योगों के बीच धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए आज का दिन काफी फलदायी माना जा रहा है।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति तथा राशियों का गोचर

आज के दिन सूर्योदय प्रातः 06 बजकर 25 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 05 बजकर 46 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। वहीं, चंद्रोदय दोपहर 02 बजकर 55 मिनट पर होगा और चंद्रास्त अगले दिन तड़के 02 बजकर 19 मिनट पर होगा।

ग्रहों की चाल और राशियों की स्थिति पर नजर डालें तो, सूर्य देव वर्तमान में तुला राशि में विराजमान हैं। दूसरी ओर, चंद्र देव सुबह 07:00 बजे तक मकर राशि में रहेंगे और उसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति आज के जातकों के लिए मानसिक संतुलन और नए कामकाज की रूपरेखा तैयार करने में मदद करेगी।

आज के शुभ मुहूर्त और अमृत काल का समय

यदि आप आज के दिन कोई नया और मांगलिक कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ समय का चयन करना बेहद आवश्यक होता है। आज के पंचांग के अनुसार दिन का सबसे महत्वपूर्ण और फलदायी अमृत काल प्रातः 08 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर प्रातः 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करना या महत्वपूर्ण कागजातों पर हस्ताक्षर करना बेहद शुभ माना जाता है। हालांकि, आज के दिन पारंपरिक 'अभिजीत मुहूर्त' उपलब्ध नहीं है, इसलिए विशेष कार्यों के लिए अमृत काल का समय सबसे उत्तम रहेगा।

आज के अशुभ समय और राहुकाल से रहें सावधान

किसी भी नए और मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले अशुभ समय यानी राहुकाल और यमगण्ड से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान किए गए कार्यों में बाधा आने की संभावना रहती है। आज के अशुभ समय की सूची इस प्रकार है:

  • राहुकाल (Rahu Kaal): दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक।

  • गुलिकाल (Gulika Kaal): प्रातः 10 बजकर 40 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक।

  • यमगण्ड (Yamaganda): प्रातः 07 बजकर 50 मिनट से लेकर प्रातः 09 बजकर 15 मिनट तक।

विशेषज्ञों की सलाह है कि राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के नए निवेश, यात्रा या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

धनिष्ठा नक्षत्र की विशेषता और उसका प्रभाव

आज चंद्रदेव पूरे दिन और रात धनिष्ठा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जो सायं 07 बजकर 47 मिनट तक प्रभावी रहेगा और उसके बाद शतभिषा नक्षत्र आरंभ हो जाएगा। धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं, जबकि इसकी राशि के स्वामी शनि देव माने जाते हैं। इस नक्षत्र के देवता 'अष्ट वसु' हैं, जो भौतिक सुख-समृद्धि और वैभव के देवता कहे जाते हैं। धनिष्ठा नक्षत्र का प्रतीक 'ढोलक या बांसुरी' है।

इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले या इस दिन कार्य करने वाले जातक आमतौर पर स्वतंत्र विचारक, उत्कृष्ट उपचारक या चिकित्सक, गंभीर स्वभाव के और अपने सिद्धांतों के बेहद पक्के होते हैं। कई बार इन्हें एकांत या अकेलापन पसंद आता है, लेकिन अपनी बुद्धिमत्ता से ये जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं। आज के पंचांग और इन नक्षत्रों के प्रभाव का लाभ उठाकर आप अपने दिन की बेहतर योजना बना सकते हैं।

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