RSS फ्रेंड्स’ क्या है और अमेरिका में क्यों हुआ फॉरेन एजेंट के रूप में रजिस्ट्रेशन

अमेरिका के वाशिंगटन स्थित न्याय विभाग (US Department of Justice) में हाल ही में एक नए और बहुचर्चित संगठन का पंजीकरण दर्ज किया गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। इस नए समूह का नाम 'आरएसएस फ्रेंड्स' (RSS Friends) है। अमेरिका में फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (FARA – Foreign Agents Registration Act) के तहत पंजीकृत इस संगठन ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को अपना 'फॉरेन प्रिंसिपल' यानी विदेशी प्रमुख बताया है। इस कदम के सामने आते ही यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर 'आरएसएस फ्रेंड्स' क्या है, इसे अमेरिकी न्याय विभाग के तहत विदेशी एजेंट के रूप में पंजीकृत करने की क्या वजह है और अमेरिका की धरती पर संघ के समर्थकों का यह नया ग्रुप किस तरह काम करने जा रहा है।
आरएसएस फ्रेंड्स क्या है और अमेरिकी कानून FARA के तहत रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी हुआ?
'आरएसएस फ्रेंड्स' अमेरिका में संघ के समर्थकों, स्वयंसेवकों और शुभचिंतकों का एक औपचारिक समूह है, जिसने अपना मुख्य प्रशासनिक ठिकाना अमेरिका के जॉर्जिया (Georgia) राज्य में दर्ज कराया है। इस समूह के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में राजेंद्र सोनरीकर, जयंत पंत और देवानंद गड्डम जैसे प्रमुख प्रवासी भारतीय नाम शामिल हैं। अमेरिकी कानून FARA के अनुसार, यदि कोई अमेरिकी संस्था या समूह किसी विदेशी संगठन, सरकार या निकाय की विचारधारा, जनसंपर्क या सूचना प्रसार के लिए काम करता है, तो उसे पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करते हुए न्याय विभाग में खुद को पंजीकृत कराना अनिवार्य होता है। इसी कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए आरएसएस फ्रेंड्स ने अपना पंजीकरण कराया है ताकि वे बिना किसी कानूनी अड़चन के अमेरिका में अपनी गतिविधियों और संवाद कार्यक्रमों का खुलकर संचालन कर सकें।
अमेरिका में संघ की छवि सुधारना और भ्रांतियों को दूर करना है मुख्य उद्देश्य
रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों और पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट्स के अनुसार, 'आरएसएस फ्रेंड्स' के गठन और रजिस्ट्रेशन के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य अमेरिका में आरएसएस के बारे में फैली गलत धारणाओं, अधूरी जानकारियों और भ्रामक रिपोर्टिंग का तथ्यपरक जवाब देना है। अमेरिका के मुख्यधारा के मीडिया, थिंक टैंक और शैक्षणिक संस्थानों में अक्सर संघ की विचारधारा को लेकर विवादित या एकतरफा बातें कही जाती हैं। आरएसएस फ्रेंड्स का मुख्य लक्ष्य अमेरिकी समाज, नीति निर्माताओं और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के बीच जाकर संघ के वास्तविक कार्यों—जैसे कि सामाजिक सेवा, आपदा प्रबंधन, सांस्कृतिक चेतना और वसुधैव कुटुंबकम के दर्शन—के सही स्वरूप को पेश करना है। समूह ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरएसएस के साथ उनका कोई औपचारिक वेतनभोगी या वाणिज्यिक अनुबंध नहीं है, बल्कि वे एक स्वयंसेवी निकाय के रूप में तथ्यों को उजागर करने का काम करेंगे।
शैक्षणिक, सांस्कृतिक और पब्लिसिटी आउटरीच के जरिए अमेरिका में बढ़ेगा दायरा
फॉरेन एजेंट फाइलिंग में यह स्पष्ट किया गया है कि आरएसएस फ्रेंड्स अमेरिका भर में सूचनात्मक, शैक्षणिक, सार्वजनिक संबंध (Public Relations) और सामुदायिक जुड़ाव के कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह समूह सेमिनार, परिचर्चाएं, प्रेस कॉन्फ्रेंस और पब्लिक इवेंट्स के जरिए अमेरिकी नागरिकों और भारतवंशियों तक अपनी पहुंच बनाएगा। हाल ही में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन' जैसे भव्य कार्यक्रमों की तर्ज पर यह संगठन अमेरिका के विभिन्न राज्यों में भारतीय संस्कृति, बहुलवाद और हिंदू दर्शन के सकारात्मक पहलुओं पर जागरूकता अभियान चलाएगा। FARA फाइलिंग के तहत पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समूह को अपनी वार्षिक गतिविधियों, आय-व्यय और कार्यक्रमों की रिपोर्ट अमेरिकी न्याय विभाग को नियमित रूप से सौंपनी होगी।