एशियाई बाजारों में लौटी हरियाली, US Fed के ब्याज दरें स्थिर रखने के फैसले से निक्केई में 1% से ज्यादा का उछाल; जानें प्रमुख इंडेक्स का हाल

वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों को लेकर बने अनिश्चितता के बादलों के छंटने के साथ ही गुरुवार के कारोबारी सत्र में एशियाई शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने दो दिवसीय नीतिगत समीक्षा बैठक के बाद ब्याज दरों को यथावत (Unchanged) रखने का निर्णय लिया है। फेड के इस रुख से वैश्विक निवेशकों को बड़ी राहत मिली है, जिसके चलते अमेरिकी बाजारों में मजबूती के बाद आज सुबह से ही एशियाई सूचकांकों—विशेष रूप से जापान के निक्केई और हांगकांग के हैंग सेंग—में लिवाली का दौर तेज हो गया है। बॉन्ड यील्ड में आई हल्की नरमी और लिक्विडिटी की चिंताओं के कम होने से इक्विटी मार्केट में जोखिम उठाने की क्षमता (Risk Appetite) में सुधार दर्ज किया गया है।
निक्केई 225 में जोरदार उछाल: टेक और ऑटो शेयरों ने भरी उड़ान
एशियाई बाजारों में सबसे मजबूत तेजी जापान के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) में दर्ज की गई है। कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही निक्केई 1.0% से अधिक की छलांग लगाकर मजबूत स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
-
टेक और सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी: वॉल स्ट्रीट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग-टेक शेयरों में आई तेजी का सीधा फायदा टोक्यो इलेक्ट्रॉन और सॉफ्टबैंक ग्रुप जैसी प्रमुख जापानी टेक कंपनियों को मिला है।
-
येन के मुकाबले डॉलर का संतुलन: बैंक ऑफ जापान (BOJ) की आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठक से पहले जापानी येन में डॉलर के मुकाबले स्थिरता बनी रहने से एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड ऑटोमोबाइल कंपनियों (टोयोटा, होंडा) के शेयरों में भी निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इसके अलावा जापान का ब्रॉडर 'टोपिक्स' (Topix) इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार कर रहा है।
दक्षिण कोरिया के कोस्पी और हांगकांग के हैंग सेंग का रुख
जापान के अलावा अन्य एशियाई बाजारों में मिला-जुला लेकिन स्थिर रुख देखा जा रहा है:
-
हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng): चीन के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेजों की निरंतरता और फेड के नरम रुख के समर्थन से हैंग सेंग इंडेक्स 0.1% से 0.3% की बढ़त के साथ हरे निशान में बना हुआ है। कंज्यूमर और ई-कॉमर्स कंपनियों के शेयरों में निचले स्तरों से खरीदारी देखी जा रही है।
-
दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi): शुरुआती सत्र में कोस्पी पर दबाव देखने को मिला, जिसका मुख्य कारण चिप मेकर दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के तिमाही नतीजों का अनुमान से कमजोर रहना रहा, जिसने इंडेक्स को सीमित दायरे में बांधे रखा। हालांकि, ऑटो और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निचले स्तरों पर स्थिरता बनी हुई है।
-
सिंगापुर और ताइवान: सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.5% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान के Taiex इंडेक्स में तकनीकी मुनाफावसूली के चलते हल्का दबाव दर्ज किया गया।
प्रमुख एशियाई सूचकांकों की वर्तमान चाल (Market Snapshot)
| प्रमुख इंडेक्स | देश | मौजूदा स्थिति / रुझान | प्रमुख चालक कारक |
| Nikkei 225 | जापान | +1.0% की बढ़त | टेक स्टॉक्स में रैली, फेड का ब्याज दरें स्थिर रखना |
| Topix | जापान | +0.6% से अधिक तेज | निर्यात आधारित ऑटो व मैन्युफैक्चरिंग शेयरों में खरीदारी |
| Hang Seng | हांगकांग | +0.15% की हल्की बढ़त | लिक्विडिटी में सुधार, टेक व कंज्यूमर स्टॉक्स में रिकवरी |
| Kospi | दक्षिण कोरिया | -1.5% से -2.0% दबाव | सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के नतीजों के बाद मुनाफावसूली |
| Straits Times | सिंगापुर | +0.5% मजबूत | बैंकिंग और रियल एस्टेट शेयरों में सकारात्मक लिवाली |
US फेड के 'नो-रेट कट, नो-हाइक' फैसले के क्या हैं मायने?
अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने मुद्रास्फीति (Inflation) के स्तर और अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों का मूल्यांकन करते हुए बेंचमार्क दरों को 3.75% से 4.0% के मौजूदा दायरे में स्थिर रखा है। फेड के इस तटस्थ रुख से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी मंदी के खतरे से दूर है और न ही फिलहाल दरों में कोई आक्रामक बढ़ोतरी की जरूरत है। इस फैसले के तुरंत बाद अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में 4 आधार अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसने उभरते बाजारों (Emerging Markets) से डॉलर के आउटफ्लो की रफ्तार को काफी हद तक धीमा कर दिया है।
कच्चे तेल और डॉलर इंडेक्स का रुख: ट्रेडर्स को क्या मिली राहत?
एशियाई ट्रेडिंग घंटों में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 0.4% गिरकर $114.81 प्रति बैरल और यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI) $102.15 प्रति बैरल के आसपास आ गया है। कच्चे तेल की कीमतों में यह स्थिरता भारत और जापान जैसी प्रमुख तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं के लिए मैक्रो स्तर पर राहत भरी खबर है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के 104 के स्तर के आसपास स्थिर रहने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एशियाई बाजारों से मिले इन मजबूत और स्थिर संकेतों का सीधा असर आज भारतीय घरेलू बाजार (Sensex और Nifty) के शुरुआती कारोबार पर भी देखने को मिल सकता है, जहां आईटी और बैंकिंग शेयरों में शॉर्ट कवरिंग के चलते सकारात्मक शुरुआत की संभावनाएं बढ़ गई हैं।