सर्दियों में कोहरे का कहर शुरू होने से पहले रेलवे का बड़ा फैसला: दिसंबर 2026 से मार्च 2027 तक रद्द रहेंगी 16 प्रमुख ट्रेनें, टिकट बुक करने से पहले देखें पूरी लिस्ट

उत्तर भारत में सर्दियों की आहट के साथ ही भारतीय रेलवे ने घने कोहरे (Dense Fog) और विजिबिलिटी कम होने से होने वाले रेल हादसों की रोकथाम तथा ट्रेनों की समयबद्धता बनाए रखने के लिए अग्रिम तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे प्रशासन ने उत्तर भारत के प्रमुख रेल मार्गों पर चलने वाली 16 लंबी दूरी की महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और गरीब रथ ट्रेनों को दिसंबर से लेकर मार्च तक पूरी तरह या निर्धारित दिनों के लिए रद्द करने का आधिकारिक फैसला लिया है। यह कदम हर साल सर्दियों के दौरान विजिबिलिटी शून्य होने के चलते ट्रेनों के घंटों लेट होने, यात्रियों की भारी परेशानी और सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए एहतियातन उठाया जाता है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के बीच सफर करने वाले दैनिक व लंबी दूरी के यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोहरे के मौसम में रेल ट्रैक्स पर दृश्यता कम होने से लोको पायलटों को ट्रेनों की रफ्तार काफी धीमी करनी पड़ती है, जिससे पूरे नेटवर्क की टाइमिंग चरमरा जाती है। संचालन को व्यवस्थित रखने के लिए रेलवे ने पहले ही चरणबद्ध तरीके से इन 16 ट्रेनों को चिन्हित कर उनके रद्दीकरण की अधिसूचना जारी कर दी है ताकि यात्री ऐन मौके पर परेशान होने के बजाय समय रहते अपनी यात्रा का वैकल्पिक इंतजाम कर सकें। आईआरसीटीसी (IRCTC) के सिस्टम पर भी इन तारीखों के लिए टिकटों की बुकिंग ब्लॉक की जा रही है।
कोहरे के चलते रद्द रहेंगी ये 16 प्रमुख ट्रेनें: तारीखवार पूरी सूची
रेलवे द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार निम्नलिखित 16 ट्रेनों का परिचालन दिसंबर के पहले हफ्ते से लेकर फरवरी के अंत और मार्च के पहले सप्ताह तक अलग-अलग तिथियों में बंद रहेगा:
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अंबाला कैंट – बरौनी एक्सप्रेस: 1 दिसंबर से 27 फरवरी तक रद्द।
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बरौनी – अंबाला कैंट एक्सप्रेस: 3 दिसंबर से 1 मार्च तक रद्द।
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काठगोदाम – कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस: 7 दिसंबर से 1 मार्च तक रद्द।
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कानपुर सेंट्रल – काठगोदाम एक्सप्रेस: 8 दिसंबर से 2 मार्च तक रद्द।
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गरीब रथ एक्सप्रेस (जम्मू तवी – काठगोदाम): 6 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद्द।
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गरीब रथ एक्सप्रेस (काठगोदाम – जम्मू तवी): 8 दिसंबर से 2 मार्च तक रद्द।
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मालदा टाउन – नई दिल्ली (न्यू फरक्का/मॉडल टाउन एक्सप्रेस): 5 दिसंबर से 2 मार्च तक रद्द।
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नई दिल्ली – मालदा टाउन (मॉडल टाउन एक्सप्रेस): 3 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद्द।
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अमृतसर – लालकुआं एक्सप्रेस: 5 दिसंबर से 27 फरवरी तक रद्द।
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लालकुआं – अमृतसर एक्सप्रेस: 5 दिसंबर से 27 फरवरी तक रद्द।
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योगनगरी ऋषिकेश – जम्मू तवी एक्सप्रेस: 7 दिसंबर से 1 मार्च तक रद्द।
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जम्मू तवी – योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस: 6 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद्द।
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अमृतसर – पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस (जनसेवा): 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद्द।
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पूर्णिया कोर्ट – अमृतसर एक्सप्रेस (जनसेवा): 3 दिसंबर से 2 मार्च तक रद्द।
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टाटानगर – अमृतसर एक्सप्रेस: 2 दिसंबर से 24 फरवरी तक निर्धारित दिनों में रद्द।
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अमृतसर – टाटानगर एक्सप्रेस: 4 दिसंबर से 26 फरवरी तक निर्धारित दिनों में रद्द।
यूपी-बिहार और पंजाब-उत्तराखंड के यात्रियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
रद्द की गई ट्रेनों की सूची पर गौर करें तो इसमें सबसे अधिक संख्या बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब को जोड़ने वाली ट्रेनों की है। बरौनी-अंबाला, पूर्णिया कोर्ट-अमृतसर और टाटा-अमृतसर जैसी ट्रेनें आम कामगारों, छात्रों और मध्यम वर्ग की लाइफलाइन मानी जाती हैं। इन ट्रेनों के रद्द होने से सर्दियों के महीनों में अन्य नियमित ट्रेनों जैसे डिब्रूगढ़ राजधानी, श्रमजीवी एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस और पंजाब मेल पर यात्रियों का दबाव अत्यधिक बढ़ जाएगा।
इसके साथ ही काठगोदाम-कानपुर और काठगोदाम-जम्मूतवी गरीब रथ के बंद होने से कुमाऊं (उत्तराखंड) क्षेत्र से धार्मिक और सामान्य यात्रा करने वाले पर्यटकों व स्थानीय निवासियों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रूट पर कुछ स्पेशल ट्रेनों और अतिरिक्त कोचों का समायोजन आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
कोहरे से निपटने के लिए रेलवे ने तैयार किया 'फॉॉग-सेफ्टी' प्लान
ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने के अलावा रेलवे उन ट्रेनों के लिए भी विशेष सुरक्षा उपाय लागू कर रहा है जो सर्दियों में पटरियों पर दौड़ेंगी:
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फॉॉग-पास डिवाइस (Fog Pass Device): ट्रेनों के इंजनों में जीपीएस-आधारित फॉॉग-पास उपकरण लगाए गए हैं। यह डिवाइस लोको पायलट को आने वाले सिग्नल, लेवल क्रॉसिंग और न्यूट्रल सेक्शन की ऑडियो-विजुअल पूर्व चेतावनी 500 मीटर पहले ही दे देता है।
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डेटोनेटर और पटरियों पर चूना मार्किंग: दृश्यता शून्य होने की स्थिति में सिग्नलों से पहले पटरियों पर पटाखों (डेटोनेटर्स) का इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी आवाज से चालक को सिग्नल की निकटता का आभास होता है। साथ ही सिग्नलों के खंभों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप्स लगाई गई हैं।
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गति सीमा का निर्धारण: अत्यधिक घने कोहरे के समय ट्रेनों की अधिकतम गति को 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रखने का प्रोटोकॉल तय किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर रोका जा सके।
यात्रियों के लिए जरूरी एडवाइजरी: टिकट बुक करने से पहले क्या करें?
सर्दियों के सीजन में यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को रेलवे प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
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पहले से बुक टिकटों का रिफंड: जिन यात्रियों ने इन 16 रद्द ट्रेनों में अग्रिम आरक्षण करा रखा है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। आईआरसीटीसी से ऑनलाइन ई-टिकट बुक कराने वाले यात्रियों का पूरा किराया बिना किसी क्लर्किएज चार्ज के सीधे उनके मूल बैंक खाते में स्वतः रिफंड कर दिया जाएगा। वहीं काउंटर टिकट वाले यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय के बाद तय नियमों के अनुसार पीआरएस काउंटर से पूरा रिफंड ले सकते हैं।
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लाइव रनिंग स्टेटस जरूर जांचें: सर्दियों में कई ट्रेनों के मार्ग बदले (Diverted) जाते हैं या उन्हें आंशिक रूप से निरस्त (Short-Terminated) किया जाता है। ऐसे में घर से स्टेशन निकलने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) की वेबसाइट या ऐप पर ट्रेन का लाइव रनिंग स्टेटस अवश्य चेक कर लें।
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रेलवे हेल्पलाइन 139: किसी भी प्रकार की असुविधा, ट्रेन की वर्तमान स्थिति या पूछताछ के लिए यात्री भारतीय रेलवे के चौबीसों घंटे चालू रहने वाले एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल अथवा एसएमएस कर जानकारी ले सकते हैं।