उत्तर प्रदेश

हर माह एक लाख प्रशिक्षण का लक्ष्य तय करें अधिकारी: केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों, कर्मचारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीण विकास से जुड़े कार्मिकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए मासिक एक लाख प्रशिक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। जिला स्तर से लेकर संस्थान मुख्यालय तक नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। प्रशिक्षण की गुणवत्ता, विषयवस्तु और उपयोगिता में निरंतर सुधार करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण का लाभ संबंधित कार्मिकों के कार्य व्यवहार और जनसेवा की गुणवत्ता में दिखाई दे।

श्री मौर्य ने अप्रैल से सितम्बर, 2026 तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति, गुणवत्ता, सुधार और कार्यदक्षता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप मासिक प्रशिक्षण रोस्टर तैयार किया जाए। प्रशिक्षणार्थियों को आवास, भोजन, शिक्षण सामग्री सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। प्रशिक्षकों एवं शिक्षकों के मानदेय का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की देरी न हो। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता, कार्यशैली और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुधार होना चाहिए। प्रशिक्षण की नियमित निगरानी की जाए तथा प्रतिभागियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए।

महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान श्री सौरव बाबू ने बताया की दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के अंतर्गत 17 मंडल स्तरीय क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान तथा 33 जनपद स्तरीय जिला ग्राम्य विकास संस्थान संचालित हैं। संस्थान का उद्देश्य आधारभूत एवं सेवाकालीन प्रशिक्षण के माध्यम से मानव संसाधन का कौशल उन्नयन करना तथा ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन से जुड़े कार्मिकों की क्षमता बढ़ाना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 30 सितम्बर, 2026 तक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में 138 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 5,032 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिला ग्राम्य विकास संस्थानों में 1,15,971 प्रतिभागियों की प्रशिक्षण प्रगति दर्ज की गई। नवनियुक्त खंड विकास अधिकारियों के 30 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के एक सत्र में 57 अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025 विषयक 44 प्रशिक्षण सत्रों में 990 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।

उत्तर प्रदेश समग्र शिक्षा विभाग के लर्निंग बाई डूइंग एवं आईसीटी से संबंधित 24 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 1,172 अध्यापकों को प्रशिक्षित किया गया। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए आठ सत्रों में 332 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए आयोजित 3,334 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 1,03,905 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संस्थान एवं अधीनस्थ संस्थानों के लगभग 602 पंजीकृत अधिकारियों और कर्मचारियों ने 28,955 ऑनलाइन पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए। श्री मौर्य ने कहा कि मासिक एक लाख प्रशिक्षण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुख्यालय, क्षेत्रीय एवं जिला स्तर पर समन्वय बनाकर कार्य किया जाए। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जनसामान्य को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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