होम लोन की EMI कम करनी है? जानें कितनी बार स्विच कर सकते हैं बैंक, क्या लगेगा चार्ज!

अगर आपने किसी बैंक से होम लोन लिया है और बाद में दूसरा बैंक कम ब्याज दर पर लोन देने का ऑफर करता है, तो आप अपना होम लोन वहां ट्रांसफर कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को होम लोन बैलेंस ट्रांसफर कहते हैं। इसमें नया बैंक आपके पुराने लोन की बकाया रकम चुकाता है और फिर आपको बाकी रकम की EMI नए बैंक को देनी होती है।
अच्छी बात यह है कि होम लोन को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की कोई तय कानूनी सीमा नहीं है। यानी आप जरूरत और फायदे के हिसाब से एक से ज्यादा बार भी होम लोन स्विच कर सकते हैं। हालांकि, हर बार नया बैंक आपकी आय, क्रेडिट स्कोर, EMI चुकाने का रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगा। ट्रांसफर तभी होगा, जब नया बैंक आपका आवेदन मंजूर करेगा।
होम लोन ट्रांसफर करने पर कौन-कौन से चार्ज लगते हैं?
होम लोन ट्रांसफर करने का मतलब सिर्फ बैंक बदलना नहीं है। इसमें कुछ खर्च भी हो सकते हैं। नया बैंक प्रोसेसिंग फीस ले सकता है। इसके अलावा प्रॉपर्टी के कानूनी दस्तावेजों की जांच, तकनीकी मूल्यांकन और अन्य कागजी कार्रवाई के लिए भी शुल्क लग सकता है। इनकी रकम बैंक और लोन की शर्तों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
अगर आपका होम लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर है और आप व्यक्तिगत जरूरत के लिए लोन ले रहे हैं, तो लागू RBI नियमों के तहत बैंक आम तौर पर लोन समय से पहले चुकाने या दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने पर फोरक्लोजर पेनल्टी नहीं लगा सकते। हालांकि, नए बैंक की प्रोसेसिंग फीस और दूसरे लागू खर्च फिर भी हो सकते हैं। फिक्स्ड रेट लोन के मामले में अपने लोन एग्रीमेंट और लागू नियमों की जांच करना जरूरी है।
बैंक बदलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
होम लोन ट्रांसफर करने से पहले केवल ब्याज दर देखकर फैसला न लें। यह भी देखें कि नया बैंक कितनी प्रोसेसिंग फीस ले रहा है और बाकी लोन अवधि में कुल कितनी बचत होगी। अगर लोन चुकाने के लिए कुछ ही साल बचे हैं, तो बैंक बदलने का खर्च आपकी बचत को कम कर सकता है।
सबसे पहले अपने मौजूदा बैंक से भी कम ब्याज दर देने की बात करें। कई बार बैंक अपने पुराने ग्राहक को बेहतर दर देने के लिए तैयार हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपको पूरा लोन दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।