उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद आंगनबाड़ी में 367 पदों पर बंपर भर्ती शुरू: बिना परीक्षा सीधे मेरिट से होगा चयन

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में लंबे समय से सरकारी मानदेय सेवा और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी नियुक्तियों की राह देख रही महिलाओं के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने बड़ी खुशखबरी दी है। लगभग 10 महीने के लंबे इंतजार के बाद जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका के 367 रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। इस भर्ती अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि महिला अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के कठिन दौर से नहीं गुजरना होगा, बल्कि चयन पूरी तरह से शैक्षिक योग्यता और सरकारी नियमों के तहत मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक और पात्र महिला उम्मीदवार विभागीय आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाकर 28 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि 12 बजे तक अपना ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर सकती हैं।

मुरादाबाद जिले में 367 पदों का पूरा ब्योरा: 51 कार्यकर्ता और 316 सहायिकाओं की होगी सीधी नियुक्ति

बाल विकास परियोजना के अंतर्गत जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार जनपद मुरादाबाद में कुल 367 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इन पदों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के कुल 51 पद और आंगनबाड़ी सहायिका के 316 पद शामिल हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में बाल विकास केंद्रों को सुचारू रूप से चलाने और कुपोषण मुक्त अभियान को गति देने के लिए यह रिक्तियां भरी जा रही हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा, इसलिए अभ्यर्थी समय रहते अपने सभी आवश्यक प्रमाणपत्र तैयार कर ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर लें।

ब्लॉक और वार्डवार रिक्तियों की स्थिति: मुरादाबाद शहर, बिलारी और डींगरपुर में सबसे ज्यादा मौके

प्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार रिक्तियों का आवंटन ब्लॉक और नगरीय निकाय स्तर पर विस्तृत रूप से किया गया है। मुरादाबाद शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 8 पद और सहायिका के रिकॉर्ड 97 पद रिक्त हैं। ग्रामीण अंचलों की बात करें तो डींगरपुर ब्लॉक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 17 और सहायिका के 37 पद हैं, जबकि बिलारी ब्लॉक में 12 कार्यकर्ता और 74 सहायिकाओं के पदों पर भर्ती निकाली गई है। मूंढापांडे ब्लॉक में कार्यकर्ता के 5 और सहायिका के 32 पद हैं, वहीं डिलारी ब्लॉक में 5 कार्यकर्ता और 14 सहायिका के पद शामिल हैं। भगतपुर टांडा ब्लॉक में 1 कार्यकर्ता और 20 सहायिका, जबकि ठाकुरद्वारा ब्लॉक में 3 कार्यकर्ता और 8 सहायिका के पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इसके अलावा छजलैट ब्लॉक में केवल सहायिका के 9 पद और मुरादाबाद ग्रामीण ब्लॉक में सहायिका के 25 पदों पर चयन होना है, जहां कार्यकर्ता का कोई पद रिक्त नहीं है।

न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट और उम्र 18 से 35 वर्ष: स्थानीय निवासी होना अनिवार्य शर्त

इस भर्ती में सम्मिलित होने के लिए शासन ने पात्रता के कड़े और स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका दोनों ही पदों के लिए महिला अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आयु सीमा की गणना के लिए कट-ऑफ तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग की महिलाओं को नियमानुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सबसे महत्वपूर्ण भौगोलिक शर्त यह है कि आवेदन करने वाली महिला संबंधित ग्राम पंचायत अथवा नगरीय क्षेत्र के उसी संबंधित वार्ड की स्थायी निवासी होनी चाहिए जहां का पद रिक्त है। किसी अन्य ग्राम पंचायत, ब्लॉक या दूसरे वार्ड की निवासी महिलाओं के आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।

upanganwadibharti.in पर ऑनलाइन प्रक्रिया: गलत जानकारी पर तुरंत रद्द होगा आवेदन

महिला उम्मीदवारों को केवल ऑनलाइन पोर्टल upanganwadibharti.in के माध्यम से ही अपने आवेदन पत्र जमा करने होंगे। फॉर्म भरते समय अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक अंकपत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र पोर्टल पर स्पष्ट रूप से स्कैन करके अपलोड करने होंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे; किसी भी स्थिति में डाक द्वारा भेजे गए अथवा हाथ से दिए गए हार्ड कॉपी दस्तावेज मान्य नहीं होंगे। विभाग सभी अपलोड किए गए दस्तावेजों का राजस्व और शिक्षा विभाग के डेटाबेस से ऑनलाइन डिजिटल सत्यापन कराएगा। यदि किसी भी आवेदन पत्र में झूठी जानकारी, फर्जी अंकपत्र या अमान्य प्रमाणपत्र पाए गए तो संबंधित अभ्यर्थी का आवेदन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

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